यूरोपीय संघ को अन्न की बर्बादी को रोकना चाहिए 

यूरोपीय संघ को अन्न की बर्बादी को रोकना चाहिए 

नई दिल्ली  [ महामीडिया] रूस-यूक्रेन जंग और जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर में अनाज की कीमतें आसमान छू रही हैं। दूसरी ओर यूरोपीय संघ अपने आयात की तुलना में अधिक फूड बर्बाद करता है। यूरोपीय संघ में करीब 15.30 करोड़ टन फूड हर साल बर्बाद हो जाता है। ये पिछले अनुमानों से दोगुना ज्यादा है।अकेले यूरोपीय संघ में बर्बाद होने वाले गेहूं की मात्रा यूक्रेन के गेहूं निर्यात के करीब आधे और यूरोपीय संघ के अन्य अनाज निर्यात के एक चौथाई के बराबर है। जीवन पर संकट के समय में यूरोपीय संघ  में इतनी बड़ी मात्रा में अनाज बर्बाद होना बड़ी समस्या है।यूक्रेन जंग के कारण अगस्त में इंटरनेशनल फूड प्राइस एक साल पहले की तुलना में 8% अधिक थीं। गेहूं, मक्का और सोयाबीन की वर्तमान कीमतों ने 2008 के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट के रिकॉर्ड को तोड़ा है।यूरोपीय संघ  में बर्बाद खाद्यान्न की कीमत 11.38 लाख करोड़ रु. है। यूरोपीय संघ  द्वारा उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस का 6% हिस्सा खाद्यान्न की बर्बादी के कारण होता है। यूरोपीय संघ  के फूड प्रोडक्ट का 20% हिस्सा बर्बाद हो रहा है। 2030 तक यूरोपीय संघ  अनाज की बर्बादी को आधा करता है तो 47 लाख हेक्टेयर के उपज के बराबर अन्न बचाया जा सकता है।

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