यूक्रेन से लौटे भारतीय चिकित्सा स्नातकों का भविष्य अधर में 

यूक्रेन से लौटे भारतीय चिकित्सा स्नातकों का भविष्य अधर में 

नईदिल्ली [ महामीडिया]  यूक्रेन अभी भारतीय छात्रों को देश में वापस अपने देश आने की अनुमति नहीं देना चाहता है। भारत सरकार यूक्रेन से लौटे भारतीय छात्रों द्वारा पढ़ाई जारी रखने के मुद्दे पर वहां के शैक्षिक अधिकारियों के संपर्क में है।  यूक्रेनी पक्ष ने भारतीय छात्रों को अपने पाठ्यक्रम ऑनलाइन जारी रखने की अनुमति देने की इच्छा दोहराई है।” राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शुक्रवार को कहा था कि चीन और यूक्रेन से लौटने वाले अंतिम वर्ष के मेडिकल छात्रों को विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इन छात्रों को यह सुविधा तभी मिलेगी, जब वे 30 जून, 2022 तक अपने संस्थानों से डिग्री प्राप्त कर चुके होंगे। एफएमजी परीक्षा पास करने के बाद इन छात्रों को मौजूदा एक साल के बदले दो साल के लिए मेडिकल इंटर्नशिप करना होगा। विदेशी चिकित्सा स्नातकों को रजिस्ट्रेशन करने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वे दो साल का इंटर्नशिप पूरा कर लेंगे।

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