भारत को अंतरराष्ट्रीय न्यायिक अभ्यास से परहेज नहीं करना चाहिए

भारत को अंतरराष्ट्रीय न्यायिक अभ्यास से परहेज नहीं करना चाहिए

मुंबई [महामीडिया] अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय ज्यूडिशियरी को “स्वदेशी डेवलपमेंट” करते हुए भी इंटरनेशनल ज्यूडिशियल प्रैक्टिस से सीखने की ज़रूरत है। साथ ही कहा कि तेज़ी से बदलती दुनिया में कोर्ट को ग्लोबल आइडिया के लिए खुला रहना चाहिए। चीफ जस्टिस  सूर्यकांत के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में बोलते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह जस्टिस सूर्यकांत को चीफ जस्टिस   के तौर पर पाकर बहुत खुश हैं उन्होंने  कैलिफ़ोर्निया और श्रीलंका में हुई कॉन्फ्रेंस में चीफ जस्टिस द्वारा शेयर की गई ज़रूरी बातों का ज़िक्र किया इसके बाद इस विषय पर बात की कि भारतीय कोर्ट को इंटरनेशनल प्रैक्टिस से कैसे जुड़ना चाहिए।

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