म.प्र.को राजस्व का बीस प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को देना होगा
भोपाल [ महामीडिया]
महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य अपने राजस्व का 40 से 45% प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को देते हैं जबकि म.प्र. अपनी राजस्व आय का 6% हिस्सा यानी 6000 करोड़ रुपए ही हर साल देता है। अब इसे बढ़ाकर 10% यानी 11 हजार करोड़ रुपए तक करने की तैयारी है जबकि म.प्र.को को राजस्व का बीस प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को देना चाहिए । छठे वित्त आयोग ने जो ड्राफ्ट तैयार किया है उसमें यह बिंदु शामिल है। आयोग 31 अक्टूबर को पांच साल के लिए अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगा। वित्तीय संसाधनों के बंटवारे में 7.75% पंचायतों की और 2.25% नगरीय निकायों की हिस्सेदारी है। सरकार द्वारा पांच साल में दी जाने वाली हिस्सेदारी 50 हजार करोड़ रुपए होगी। इसके अलावा केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्य को स्थानीय निकायों के लिए 56,100 करोड़ रुपए अलग से मिलेंगे । इस तरह हर साल म.प्र. में स्थानीय निकायों के बेहतर प्रबंधन के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की मदद मिलेगी।