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लघु उद्योग निगम के कामकाज पर कैग को आपति
भोपाल [ महामीडिया] नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [ CAG] की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के कामकाज में गंभीर अनियमितताओं और अधिकारियों की लापरवाही का खुलासा किया गया है। कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए औद्योगिक क्लस्टरों के निर्माण में ठेकेदारों ने सरकारी खनिजों का इस्तेमाल किया लेकिन उनसे संबंधित रॉयल्टी की उचित वसूली नहीं की गई। इससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अनुबंध की शर्तों के अनुसार हर परियोजना में ग्रेजुएट और डिप्लोमा इंजीनियरों की नियुक्ति अनिवार्य थी। ऐसा न करने पर प्रति माह जुर्माना लगना था पर 57 में से कई अनुबंधों में यह नियम लागू नहीं किया गया और इनसे 1.66 करोड़ का जुर्माना नहीं वसूला गया। काम समय पर पूरा न करने पर भी ढिलाई दिखाई गयी। नियमानुसार काम तय समय सीमा में पूरा नहीं होता तो ठेकेदार पर प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत दर से जुर्माना लगाया जाना चाहिए जो अनुबंध राशि के 10 प्रतिशत तक हो सकता है।