भोपाल (महामीडिया): महर्षि महेश योगी शिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में गुवाहाटी, प्रयागराज, हैदराबाद और भोपाल रीजन के छात्र-छात्राओं ने सबसे ज्यादा पुरस्कार प्राप्त किये । इसके आधार पर गुवाहाटी को ऑल ओवर चैंपियनशिप का पुरस्कार मिला द्वितीय स्थान पर हैदराबाद क्षेत्र रहा। पुरस्कार वितरण महर्षि संस्थान के प्रमुख ब्रह्मचारी गिरीश जी ने किये। इस सांस्कृतिक महोत्सव में 15 राज्यों से आए 84 महर्षि विद्या मंदिर स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने 29 प्रतिस्पर्द्धाओं में अपनी कला कौशल का प्रदर्शन किया।
भोपाल के लामा खेड़ा स्थित महर्षि महेश योगी स्कूल परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में अंतिम दिन विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने राष्ट्रीय सांस्कृतिक और देशभक्ति थीम पर शास्त्रीय संगीत शास्त्रीय नृत्य शास्त्रीय गायन और विभिन्न प्रतिस्पर्धा में एक से बढ़कर एक रोचक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की।साथ ही फ्लाइंग कला और सिद्धि का अद्भुत प्रदर्शन किया।
अपने संबोधन ब्रह्मचारी गिरीश जी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इसलिए अन्य स्कूल और शिक्षण संस्थान तो बस ज्ञान का पात्र भरते हैं। लेकिन महर्षि संस्थान की हमारी प्रणाली में, यह पात्र का विस्तार करती है, उसे भरती है, और लगातार उसका विस्तार करती रहती है। इसे अनंत विस्तारितचेतना कहते है। इससे छात्र के जीवन में अधिक प्रखरता, धैर्य और अनुशासन आता है। एक विद्यार्थी या एक इंसान के रूप में जो भी गुण होने चाहिए, उन सभी मामलों में आप दुनिया में सबसे आगे होंगे। एक विद्यार्थी या एक इंसान के रूप में जो भी गुण होने चाहिए, आप उनमें सबसे शीर्ष पर होते हैं। यही हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, निदेशकों और महर्षि संगठन के सभी सदस्यों की विशेषता है।
मेरी कामना है कि आप हमेशा उसी ऊंचाई पर बने रहें और कभी नीचे न आए ।अंत में ब्रह्मचारी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे निरंतर आगे बढ़ते रहें और अपने निजी तथा पेशेवर जीवन में, हर तरह से और हर दिन, सफल हों।
इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. भुवनेश शर्मा; P&A के अतिरिक्त निदेशक यतीश सक्सेना; वित्त विभाग के अतिरिक्त निदेशक; कंप्यूटर शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक मनीष मांडलिक; अखिलेश श्रीवास्तव; TM और सिद्धि कार्यक्रम के राष्ट्रीय समन्वयक राम विनोद सिंह गौर; और मंदिर स्कूल समूह के संयुक्त निदेशक आर्य नंद कुमार शामिल थे।