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वैश्विक शांति के लिए शुद्ध चेतना आवश्यक: ब्रह्मचारी गिरीश जी
भोपाल (महा मीडिया): भोपाल के किरत नगर स्थित भोजपुर मंदिर रोड स्थित महर्षि आनंद निकेतन में सप्ताह भर चलने वाली 'महर्षि विश्व शांति सभा' (MWPA) का शनिवार को आधिकारिक रूप से समापन हो गया। 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चले इस भव्य आयोजन में महर्षि विद्या मंदिर स्कूल्स ग्रुप के अध्यक्ष, वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने "धरती पर स्वर्ग" (हेवेन ऑन अर्थ) की स्थापना के लिए गुरु भक्ति और भारत तथा विश्व की सामूहिक चेतना पर इसके गहरे प्रभाव के विषयों पर गहराई से चर्चा की।
अपने दिव्य प्रवचन में सभा को संबोधित करते हुए ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि यह सत्संग ज्ञान (वेद) और बुद्धि का एक पवित्र संगम है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की स्थिति ठीक नहीं है और आज वास्तव में शांति की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि युगों से शांति के प्रयास किए जाते रहे हैं—जो कभी सफल हुए और कभी नहीं—किंतु आज संचार और यात्रा के साधन अत्यधिक बेहतर होने के बावजूद लोग अपनी दैनिक जीवनचर्या में इतने अधिक व्यस्त हो गए हैं कि उनकी चेतना से शांति के वास्तविक प्रयास गायब हो गए हैं।
एक पेड़ की जड़ों का उदाहरण देते हुए ब्रह्मचारी गिरीश जी ने इस बात पर जोर दिया कि जिस प्रकार बिना गहरी जड़ों के जीवन सतही बना रहता है, उसी प्रकार मानवता को भी शुद्ध चेतना में स्थापित होने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए साझा किया, "वहां स्थापित हो जाइए, प्रकृति सब कुछ संभाल लेगी। कम काम करें, अधिक प्राप्त करें।" उन्होंने सभी से अपनी चेतना को शुद्ध करने, दूसरों को प्रेरित करने और महर्षि जी के ज्ञान से समृद्ध व्यक्तियों के रूप में अपने कर्तव्य को पूरा करने का आह्वान किया।
समापन समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में सीपीआर निदेशक वी.आर. खारे, श्रीमती आर्या नंदकुमार, श्रीमती अनीता भार्गव और चेतना-आधारित शिक्षा के राष्ट्रीय समन्वयक रंजन सिंह पटवारी शामिल थे। यह कार्यक्रम MVM स्कूल्स ग्रुप के माननीय अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश जी के साथ प्रतिभागियों के सामूहिक चित्र के साथ संपन्न हुआ।






