मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने दिपके को नोटिस थमाया
नई दिल्ली (महामीडिया): दिल्ली पुलिस की एक टीम झंडेवालान इलाके में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके के घर पहुंची। उन्हें एक नोटिस दिया गया, जिसमें बताया गया है कि शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में उनके द्वारा बुलाई गई 'तिरंगा सभा' के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, नोटिस में कहा गया है कि कनॉट प्लेस (CP) में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू है।
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रमुख को बताया कि 'तिरंगा सभा' के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) से कोई अनुमति नहीं मिली है। इसलिए, अगर वे फिर भी कनॉट प्लेस जाते हैं, तो यह कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
पुलिस ने कहा कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले शुक्रवार को, दिपके ने अपनी पार्टी के विरोध प्रदर्शनों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है। साथ ही, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह नागरिकों की स्वतंत्रता को सीमित कर रही है और शटडाउन, इंटरनेट बंद करने तथा आवाजाही पर रोक लगाकर व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा डाल रही है।
'X' (ट्विटर) पर एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट में, दिपके ने कहा कि सरकार से जवाबदेही मांगना, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और जन प्रतिनिधियों से सवाल पूछना 'अराजकता' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के सिद्धांतों पर कायम है, भले ही उनके सदस्यों को उकसाने की कोशिशें की जा रही हों।
उन्होंने पोस्ट किया, "शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से कारोबार को नुकसान नहीं होता। नुकसान तब होता है जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने, अपने ही नागरिकों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने और शहर को युद्ध क्षेत्र में बदलने का फैसला करती है।"

