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भारतीय वैदिक ज्ञान जगतगुरुत्व का माध्यम : ब्रह्मचारी गिरीश जी
भोपाल[ महामीडिया] आज महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशनल एक्सीलेंस सभागार भोपाल में 10 दिवसीय महर्षि वैदिक जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों में 122 से अधिक अध्यनरत छात्र एवं छात्राओं सहित उनके शिक्षक महर्षि वैदिक जीवन का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि महर्षि जी के पास दो चीजें थी- पहला गुरु ब्रह्मानंद सरस्वती जी द्वारा दिया गया ज्ञान एवं दूसरा गुरु की कृपा अर्थात आशीर्वाद। इन्हीं दोनों की मदद से महर्षि जी ने पूरे विश्व में भारतीय वैदिक ज्ञान एवं संस्कृति का झंडा फहराया I इसलिए आप सभी को भी इसी तरह ग्लोबल लीडर बनना है जिससे पूरी दुनिया में भारतीय वैदिक ज्ञान नेतृत्व प्रदान कर सके।
आप सभी विद्यार्थियों के लिए ग्लोबल लीडरशिप का कार्यक्रम बनाया है। मैं आप सभी को स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद माता-पिता की सहमति से इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। हमारा विश्वविद्यालय स्कूली शिक्षा के बाद से पीएचडी तक की शिक्षा आप सभी को निशुल्क प्रदान करेगा I सिर्फ इतना ही नहीं पी एच डी होने के तुरंत बाद नियुक्ति पत्र के साथ आकर्षक वेतन का पैकेज भी इसमें शामिल किया गया है। ब्रह्मचारी जी का कहना था कि यह आप सभी के लिए एक सुअवसर है क्योंकि पूरे 193 राष्ट्रों में यह पद रिक्त हैं और आप प्रशिक्षण लेने वाले मात्र 122 लोग अभी यहां उपस्थित हैं। आप सब मिलकर न केवल ग्लोबल नेतृत्व करेंगे बल्कि महर्षि जी की परिकल्पना अनुसार रोग विहीन और सुखी विश्व परिवार का सपना भी साकार करेंगे जिससे पूरे विश्व को सुखी एवं आनंदमय जीवन के साथ-साथ धरातल पर स्वर्ग अर्थात राम राज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी गिरीश जी ने विस्तार पूर्वक महर्षि जी से जुड़े विभिन्न जीवन संस्करणों का उल्लेख करते हुए बताया कि महर्षि जी ने छत्तीसगढ़ राज्य के एक छोटे से गांव पाण्डुका में जन्म लेकर किस तरह पूरे देश से लेकर पूरे विश्व के अनेक देशों में किस तरह भारतीय वैदिक ज्ञान एवं संस्कृति की न केवल पताका फहराई बल्कि सैकड़ों विद्यालय से लेकर 108 विश्व विद्यालयों की स्थापना सहित सैकड़ो आयुर्वेद एवं स्थापत्य वेद के केंद्र स्थापित किए I हम सब लोगों को मिलकर उनका अनुसरण करना है। इस दौरान मंच पर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो.भुवनेश शर्मा, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक संचार एवं जनसंपर्क विजय रत्न खरे, राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक पत्रिका महा मीडिया के संपादक नीतेश परमार एवं भावातीत ध्यान एवं सिद्धि कार्यक्रम के राष्ट्रीय समन्वयक राम विनोद गौर उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि संस्थान की परंपरा अनुसार गुरु पूजन से प्रारंभ हुआ। यह कार्यक्रम आज से प्रारंभ होकर 29 तक लगातार 10 दिनों तक चलेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह एवं महर्षि वैदिक प्रशासक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।



