इस बार अक्षय तृतीया पर्व पर गजकेसरी योग

इस बार अक्षय तृतीया पर्व पर गजकेसरी योग

भोपाल [ महा मीडिया] सबसे ऊपर नाम आता है अक्षय तृतीया का। 'अक्षय' यानी वह जिसका कभी अंत न हो। साल 2026 की यह तिथि सामान्य नहीं होने वाली है क्योंकि इस बार आकाश मंडल में एक दुर्लभ और शक्तिशाली 'गजकेसरी योग' का निर्माण हो रहा है। शास्त्र की भाषा में कहें तो जब देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति या दृष्टि संबंध केंद्र में होता है तब यह राजयोग बनता है। यह योग व्यक्ति को हाथी (गज) जैसी बौद्धिक शक्ति और शेर (केसरी) जैसा अदम्य साहस प्रदान करता है। अक्षय तृतीया पर गजकेसरी योग' 100 साल बाद बन रहा है अक्षय तृतीया का पावन पर्व इस साल 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। 

 

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