शेयर बाजार के कारण एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक दबाव में

शेयर बाजार के कारण एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक दबाव में

भोपाल [महामीडिया] भारतीय शेयर बाजार में बैंकिंग शेयर लगातार कमजोरी दिखा रहे हैं। 21 अगस्त से 28 अगस्त तक Nifty Bank इंडेक्स 1,935 अंक यानी 3.4% गिर चुका है। जुलाई 2025 में बने 52-सप्ताह के हाई 57,628 से यह करीब 6.8% नीचे आ चुका है। अगर अमेरिका ने ऊंचे टैरिफ लंबे समय तक बनाए रखे तो भारतीय बैंकों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, लेदर और जेम्स-ज्वेलरी जैसे सेक्टरों पर पड़ रहा है, जिनका बैंकों के कुल लोन में लगभग 2% हिस्सा है। एक्सपोर्ट घटने और नौकरियां कम होने की स्थिति में छोटे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड वसूली पर भी दबाव आ सकता है। प्राइवेट बैंकों में  एचडीएफसी  का 1.8% लोन टेक्सटाइल सेक्टर में है जबकि आईसीआईसीआई का 1.1% और Axis Bank का 1.2% एक्सपोजर है। बैंकिंग सिस्टम पर दबाव सिर्फ निर्यात में गिरावट से नहीं बल्कि घरेलू फैक्टर्स से भी आ सकता है। ऑनलाइन गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी नौकरियों में कटौती पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो पर असर डाल सकती है। इसके अलावा नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी बैंकों की मुख्य कमाई पर भी आने वाले महीनों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। पहली तिमाही में सभी शेड्यूल्ड बैंकों का शुद्ध मुनाफा 3.1% बढ़कर ₹92,000 करोड़ हुआ है। इनमें बैंकों का मुनाफा 10.9% बढ़कर ₹47,000 करोड़ रहा जबकि प्राइवेट बैंकों का मुनाफा 3.9% घटकर ₹45,000 करोड़ रहा। यह बढ़त ज्यादातर ट्रेजरी गेन से आई है जबकि लोन ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है।

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