शक्ति की आराधना का पर्व है चैत्र नवरात्रि

शक्ति की आराधना का पर्व है चैत्र नवरात्रि

भोपाल [महा मीडिया] हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है।साल में चार नवरात्रि आती हैं लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है।इन्हीं प्रमुख नवरात्रियों में से एक चैत्र नवरात्रि भी है जो चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है।यह नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है और कई जगहों पर इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है।नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और नौवें दिन राम नवमी के साथ इसका समापन होता है।इन दिनों में व्रत और पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और जीवन में सुख-समृद्धि का रास्ता खुलता है। चैत्र नवरात्रि को वसंत नवरात्रि भी कहा जाता है। सामान्यतया इनका आगमन मार्च या अप्रैल मास में होता है और इनके आरंभ से ही हिंदू पंचांग के अनुसार नव वर्ष के प्रथम दिन की शुरुआत होती है। नौ दिन तक चलने वाले इस उत्सव को उत्तर भारत में बहुत उल्लास से मनाया जाता है। यह नवरात्रि महोत्सव हिंदू पंचांग के चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में, जो मार्च और अप्रैल के बीच के पड़ता है मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस पर्व के प्रथम दिवस को गुड़ी पर्व तथा कश्मीर में नवरेह के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को उत्तरी तथा पश्चिमी भारत में अति उल्लासपूर्ण ढंग से मनाया जाता है जो रंग बिरंगी वसंत ऋतु को और भी मनमोहक तथा दिव्य बना देता है।

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