सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल का आदेश रद्द किया
मुंबई [महा मीडिया] सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें एक अधिवक्ता को पेशेवर कदाचार का दोषी ठहराया गया था। अदालत ने कहा कि जब शिकायतकर्ता-मुवक्किल ने स्पष्ट रूप से अपनी शिकायत वापस ले ली हो और अधिवक्ता की सेवाओं से पूर्ण संतोष व्यक्त किया हो तो ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही को जारी नहीं रखा जा सकता। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडवोकेट की अपील स्वीकार करते हुए कहा इसके बावजूद अप्रैल 2025 में अनुशासनात्मक समिति ने शिकायत वापसी को नज़रअंदाज़ करते हुए अधिवक्ता पर ₹1 लाख का दंड लगा दिया। इसके खिलाफ अधिवक्ता ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 38 के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।