शिव कृपा का पवित्र प्रतीक बेलपत्र

शिव कृपा का पवित्र प्रतीक बेलपत्र

भोपाल [महामीडिया] हिंदू पूजा अनुष्ठानों में हर भेंट का गहरा आध्यात्मिक अर्थ होता है और बेलपत्र पत्ता सबसे पवित्र प्रतीकों में से एक है। भगवान शिव को प्रिय होने के कारण इसे उनकी पूजा का एक अनिवार्य हिस्सा माना जाता है। चाहे मंदिरों में अनुष्ठानों के दौरान हो या घर पर पूजा के दौरान, शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना शुद्ध भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसका महत्व सावन सोमवार और शिवरात्रि जैसे पवित्र अवसरों पर और भी बढ़ जाता है जब इस पत्ते को चढ़ाने का सरल कार्य गहरी आध्यात्मिक मूल्य और शिव के साथ हृदय से जुड़ाव को दर्शाता है। एक और कहानी एक साधारण वनवासी की बताती है, जो अनुष्ठानों से अनभिज्ञ था, लेकिन प्रेमपूर्वक शिवलिंग को बेलपत्र अर्पित करता था। उसकी प्राणभरी भक्ति से भगवान शिव इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उस भक्त को मोक्ष प्रदान कर दिया। यह कथा हमें याद दिलाती है कि भगवान शिव जटिल अनुष्ठानों की तलाश नहीं करते, बल्कि हृदय से आए सच्चे भाव स्वीकार करते हैं। यह तरीका नहीं है, बल्कि प्रेम और नीयत ही सच में उन्हें पहुँचती है और उनकी कृपा अर्जित करती है।

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