युद्ध के कारण भारी मात्रा में भारतीय माल समुद्र में अटका

युद्ध के कारण भारी मात्रा में भारतीय माल समुद्र में अटका

भोपाल [महामीडिया] एशियाई युद्ध का असर भारतीय निर्यातकों पर साफ दिख रहा है। लगभग 40,000-45,000 भारतीय कंटेनर फिलहाल या तो रास्ते में फंसे हुए हैं या अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर अटके हुए हैं। करीब 1-1.5 अरब डॉलर के निर्यात माल का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है क्योंकि या तो इसके लिए मार्ग बदलना पड़ेगा या फिर भारत की ओर रुख करना पड़ेगा जिससे लागत में और भी बढ़ोतरी होगी।इसके अलावा, शिपिंग कंपनियों द्वारा लगाए गए कई आकस्मिक शुल्कों के कारण प्रति कंटेनर लागत में तीन से पांच गुने तक की वृद्धि हो रही है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी कारणों से लागत में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे कंटेनर संकट की स्थिति पैदा हो सकती है और जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं के निर्यातकों को और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है। अटके हुए माल में बासमती चावल का एक बड़ा हिस्सा है जो 4 लाख टन है। मोटे अनुमानों के अनुसार हवाई और समुद्री दोनों मार्गों पर लगभग 1-1.5 अरब डॉलर मूल्य का माल फंसा हुआ है।

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