ईरान-इजरायल युद्ध के कारण म.प्र.का केला निर्यात प्रभावित
भोपाल [महा मीडिया] मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब भारत के केला उत्पादक किसानों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के प्रसिद्ध केले की मिठास पर इस अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का कड़वा असर पड़ा है। खाड़ी और मध्य-पूर्वी देशों में निर्यात बाधित होने के कारण जिले के सैकडों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। बाजार में मांग घटने से कीमतों में भारी गिरावट आई है और किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। बड़वानी जिला नर्मदा नदी के किनारे स्थित होने के कारण प्रदेश के प्रमुख केला उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां की उपजाऊ जमीन और नर्मदा के पानी से होने वाली सिंचाई और मौसम की अनुकूलता के कारण यहां का केला स्वाद और गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। जिले से हर साल बड़ी मात्रा में केला ईरान, दुबई सहित कई मध्य-पूर्वी देशों में निर्यात किया जाता है। आम तौर पर रमजान के महीने में इन देशों में केले की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं लेकिन इस बार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के कारण बाजार लगभग ठप्प पड़ा हुआ है।अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब मध्य प्रदेश के एग्रो प्रोडक्ट पर पड़ने लगा है। युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों के सामान मिडिल ईस्ट के देशों में पहुंचते हैं। इनमें भारत भी शामिल है।