ब्रह्मचारी गिरीश जी ने सात मातृ शक्तियों को सम्मानित किया
भोपाल [महा मीडिया] आज राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में एक गरिमामय समारोह में महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मातृ शक्तियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में ब्रह्मचारी गिरीश जी ने कहा कि "हम सभी लोगों को मिलकर भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है और हमें प्रसन्नता है कि विश्व मांगल्य सभा निरंतर मातृशक्ति को मजबूत कर रही है। हम सभी की यह कामना है कि मातृशक्ति को विस्तारित करने का कार्य जारी रहना चाहिए क्योंकि माता को प्रथम गुरु कहा जाता है। ऋतुचर्या एवं दिनचर्या से जीवनचर्या मजबूत होती है । साधना से ही संतुलित जीवन प्राप्त होता है इसलिए साधना साधन को जुटा देती है। जब तक आत्म अनुभव नहीं होगा तब तक जीवन संतुलित नहीं होगा इसलिए आत्मा में स्थित होकर आप सभी लोग सदैव कर्म करें तो सभी कार्य निर्वाध रूप से संपन्न होने लगेंगे।"
ब्रह्मचारी जी ने बताया कि जीवन संघर्ष नहीं बल्कि जीवन आनंद है इसीलिए सभी माता और बहनों को प्रतिदिन सुबह और शाम 20-20 मिनट का भावातीत ध्यान अवश्य करना चाहिए ताकि तनाव मुक्त सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त हो सके। ब्रह्मचारी गिरीश जी ने इस अवसर पर अवाहन किया कि सभी लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या में बीच-बीच मिनट का नियमित सुबह एवं शाम समय निकालकर महर्षि महेश योगी जी द्वारा प्रणीत भावातीत ध्यान को अवश्य अपनाएं।
इस अवसर पर विश्व मांगल्य सभा के सभाचार्य स्वामी जितेंद्र नाथ जी महाराज भी उपस्थित थे। विश्व मांगल्य सभा के स्वामी जितेंद्र नाथ जी महाराज एवं ब्रह्मचारी गिरीश जी ने मिलकर इस अवसर पर विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली म.प्र. की सात महिला हस्तियों को शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
महिला हस्तियों में ज्ञान के क्षेत्र में दतिया से रमा आर्य, कला के क्षेत्र में बैतूल से साधना मिश्रा, उद्यमिता के क्षेत्र में भोपाल से रुषिका आहूजा, मातृत्व के क्षेत्र में कोकिला सेठ, सेवा के क्षेत्र में ग्वालियर से महिमा तारे, कथा वाचन के क्षेत्र में डॉ. प्रज्ञा भारती एवं प्रशासन के क्षेत्र में आइएएस सोनाली को सम्मानित किया गया।
इस सम्मान समारोह का आयोजन रविंद्र भवन में किया गया था जहां पर दो दिवसीय मातृ संस्कार समागम चल रहा था।