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'उद्योग' शब्द की विस्तृत व्याख्या के लिए संविधान पीठ गठित
भोपाल [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट ने 9 जजों की संविधान पीठ के गठन की सूचना दी। यह पीठ 1978 के 'बैंगलोर वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड बनाम ए. राजप्पा' मामले में दिए गए फैसले में 'उद्योग' शब्द की विस्तृत व्याख्या की सही होने की जांच करेगी। इस पीठ की अध्यक्षता चीफ जस्टिस सूर्यकांत करेंगे। इसमें जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल होंगे। 9 जजों की यह पीठ 17 मार्च को सुनवाई शुरू करेगी और 18 मार्च को इसे समाप्त करेगी। संविधान पीठ इस बात की जांच करेगी कि क्या 1978 के फैसले में जस्टिस वी.आर. कृष्ण अय्यर द्वारा अपनाई गई 'उद्योग' की विस्तृत व्याख्या पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।