म.प्र.सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान प्रारंभ करेगा

म.प्र.सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान प्रारंभ करेगा

भोपाल [महामीडिया] मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की कीर्ति का वैभव संपूर्ण विश्व में छाया था। सम्राट विक्रमादित्य का दरबार नवरत्नों से संपन्न था। उन्होंने शकों को परास्त किया और तुर्कमेनिस्तान से आगे यूरोप तक सनातन संस्कृति का विस्तार किया। साथ ही विक्रम संवत के माध्यम से सुशासन की नई मिसाल स्थापित की।  सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा का वर्णन चीनी यात्रा व्हेन सांग और अरबी इतिहासकार अलबरूनी के उल्लेखों में मिलता है। मुख्यमंत्री  यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री यादव ने 21 लाख रुपए का राष्ट्रीय सम्मान और 5-5 लाख रुपए की तीन राज्य स्तरीय सम्मान भी स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन में विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ कर यह विचार व्यक्त किये।

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