नवरात्रि में अखंड ज्योति का महत्व
भोपाल [महा मीडिया] चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन लोग कलश स्थापना तो करते ही हैं साथ में माता के नाम की अखंड ज्योति भी जलाते हैं। यह अखंड ज्योति पुरे नौ दिन जलती रहनी चाहिए। अखंड ज्योति एक ऐसा दीपक है जो नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी के सामने लगातार जलता रहता है। ऐसा माना जाता है कि यह घर में दिव्य ऊर्जा का आह्वान करता है नकारात्मकता को दूर करता है और एक आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करता है। कई भक्त चैत्र नवरात्रि के पहले दिन, घटस्थापना के समय इस अखंड ज्योति को प्रज्वलित करते हैं और इसे नवमी या राम नवमी तक जलता रखते हैं। अग्नि को एक पवित्र तत्व और सभी धार्मिक अनुष्ठानों का साक्षी माना जाता है। अखंड ज्योति की लौ अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय, नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय और भय पर आस्था की विजय का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान, जब भक्त शक्ति, शांति और सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगते हैं, तब अखंड ज्योति एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रतीक बन जाती है। यह भक्तों को याद दिलाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी चुनौतियाँ क्यों न आएं, वे अपनी आस्था की आंतरिक लौ को सदैव प्रज्वलित रखें। अखंड ज्योत का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी बहुत गहरा है। दीपक की लौ को शुभ संकेतों से जोड़ा जाता है और माना जाता इसके साथ ही अखंड ज्योत का प्रभाव मानसिक और शारीरिक स्तर पर भी देखा जाता है।