नवीनतम
भड़ली नवमी 4 जुलाई को
भोपाल [महामीडिया] 4 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल नवमी है। इसे भड़ली नवमी कहते हैं। शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। यानी कि इन तिथियों पर बिना मुहूर्त देखे पूरे दिन शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ये शुभ तिथियां वसंत, अक्षय तृतीया और भड़ली नवमी होती है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भड़ली नवमी या भडरिया नवमी कहते हैं। वैसे तो इस दिन बिना मुहूर्त निकाले शादी-विवाह किए जाते हैं लेकिन इस साल एक अशुभ योग के बनने से भड़ली नवमी के दिन शादियां नहीं हो सकेंगी ना ही अन्य कोई शुभ कार्य हो सकेंगे।