बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है होली

बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है होली

भोपाल [महामीडिया] होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।  होली का त्योहार होलिका की मौत की कहानी से जुड़ा हुआ है। इसके चलते होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है।ये कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है। भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे इसलिए होली का त्योहार रंगों के रूप में लोकप्रिय हुआ। वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे। इसलिए आज भी वृंदावन जैसी होली कहीं नहीं मनाई जाती। होली रंग, उमंग और खुशियों का त्यौहार है जो हिन्दू धर्म का प्रमुख एवं प्रसिद्ध त्यौहार है।इस पर्व को पूरे देश में प्रतिवर्ष बसंत ऋतु में अत्यंत उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। होली को प्रेम का प्रतीक माना जाता है और इस दिन लोग अपने गिले-शिकवे भूलाकर एक हो जाते है।इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाते है।

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