नवीनतम
आज फाल्गुन अमावस्या
भोपाल [महामीडिया] आज फाल्गुन अमावस्या है। इसके साथ ही सूर्य ग्रहण भी हो रहा है लेकिन ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा इसलिए हमारे यहां सूतक नहीं माना गया । पूरे दिन फाल्गुन अमावस्या से जुड़े शुभ काम किए जा सकते हैं।सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में, हिंद, अटलांटिक और पेसिफिक के कुछ क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर में लगभग 3.26 बजे शुरू होगा। ग्रहण की समाप्ति शाम को लगभग 7.57 बजे होगा। ग्रहण के समय जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंचता है, तब तीन लोकों स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल पर प्रभाव पड़ता है। ग्रंथों में इस समय को अशुभ माना गया है। इसलिए सूर्य ग्रहण के समय विवाह, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ भी नहीं की जाती है। ग्रहण के समय में मानसिक रूप से मंत्र जप किए जाते हैं । इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। यदि यह संभव न हो तो नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद पितरों को जल अर्पित करें और तर्पण करें। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।