चीन में जनसंख्या बढ़ाने के लिए ‎आईवीएफ की लोकप्रियता बढ़ी

चीन में जनसंख्या बढ़ाने के लिए ‎आईवीएफ की लोकप्रियता बढ़ी

मुंबई [महा मीडिया] चीनी जोड़े पुरानी पीढ़ियों के मुकाबले ‎‎अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। यह ‎‎इनफर्टिलिटी की समस्या अधिक बढ़ने‎ का एक कारण है।‎‎ संतान पैदा कर सकने वाले जोड़ों में ‎‎इनफर्टिलिटी 2020 में 18% पाई गई‎ जबकि 2007 में यह 12% थी। इससे ‎आईवीएफ की मांग बढ़ी है। चीन में लैब‎ की मदद से संतान को जन्म देने का ‎इलाज कराने वालों की संख्या 2013 के ‎‎2.36 लाख के मुकाबले 2019 में 11 ‎लाख हो गई थी। आज चीन में 600 ‎‎लाइसेंसी क्लिनिक हैं। आईवीएफ से 2022 में ‎करीब तीन लाख बच्चों के जन्म हुए थे। अधिक‎ बच्चों के लिए बेचैन देश में इस छोटी ‎संख्या ने भी सरकार का ध्यान खींचा है।‎ चीनी सरकार ने जन्मदर बढ़ाने के लिए ‎‎अच्छा पैकेज देना शुरू किया है। 2025 ‎में तीन साल से कम आयु के प्रति बच्चे‎ के लिए हर साल 47689 रुपए भत्ता देने ‎की योजना शुरू की है। जनवरी में कंडोम पर वैट की दर 13% कर दी गई। 2022 ‎में केंद्र सरकार ने फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को ‎सार्वजनिक बीमा योजनाओं में शामिल‎ किया है। 2024 में दस लाख से अधिक‎ लोगों को आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के‎ खर्च की भरपाई की गई।

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