डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क सार्वजनिक

डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क सार्वजनिक

भोपाल [महामीडिया] रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में होने वाले फ्रॉड से ग्राहकों को बचाने के लिए नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क 'कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस' जारी किया है। इसके तहत अगर किसी ग्राहक के साथ डिजिटल धोखाधड़ी होती है और वह इसकी तुरंत रिपोर्ट करता है तो उसे 25,000 रुपए तक का मुआवजा मिल सकता है।नए नियमों का उद्देश्य बैंक शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम करना और छोटे मूल्य के फ्रॉड के लिए एक बेहतर मुआवजा मैकेनिज्म तैयार करना है। इस ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से 6 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी। प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि 50,000 रुपए तक का डिजिटल फ्रॉड होता है और ग्राहक समय पर इसकी सूचना देता है तो उसे नुकसान का 85% या ₹25,000 (जो भी कम हो) वापस मिल सकता है।

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