केरल हाईकोर्ट ने बच्चों के हित में सार्थक निर्णय सुनाया

केरल हाईकोर्ट ने बच्चों के हित में सार्थक निर्णय सुनाया

भोपाल [महामीडिया] केरल हाईकोर्ट ने कहा कि शादी से जुड़े मुकदमों में शामिल बच्चों को समाज के आदर्श नागरिक के रूप में उनकी मानसिक और शारीरिक विकास और परवरिश के लिए दोनों माता-पिता के सपोर्ट की बहुत ज़रूरत होती है। जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस पी. कृष्णा कुमार की वेकेशन बेंच माता-पिता द्वारा नाबालिग बच्चे की कस्टडी को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर विचार कर रही थी। बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा कि बच्चों को दोनों माता-पिता की ज़रूरत होती है।

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