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ईरान में सरकार के विरुद्ध हिंसक प्रदर्शन
मुंबई [महामीडिया] ईरान में हालात असामान्य हैं। यहां की राजधानी तेहरान में शुरू हुआ प्रदर्शन अब देश के अन्य हिस्सों तक हिंसक रूप में फैल गया है। शहरों से लेकर गांवों तक जनता सड़कों पर उतर चुकी है। बीते कई दशकों से ईरान का पर्याय बन चुके अयातुल्ला अली खामेनेई भी जनता के निशाने पर हैं। दिसंबर के आखिरी दिनों में शुरू हुआ प्रदर्शन अब बड़ा रूप ले चुका है।झड़प की वजह से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। चौपट होती अर्थव्यवस्था और महंगाई, बेरोजगारी को लेकर गुस्सा अभी चरम पर है। खामेनेई के विरुद्ध सड़कों पर उतरी पब्लिक तानाशाह विरोधी नारे लगाने के साथ ही मुल्लाओं ईरान छोड़ो के नारे लगा रही है।इसमें बड़ी संख्या में युवा और कॉलेज के छात्र भी शामिल हैं जिन्हें जेन Z के तौर पर संबोधित किया जाता है। यह अभी तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन साबित हो रहा है। ईरान में वर्तमान के तत्काल कारण को देखें तो भारी आर्थिक संकट सबसे पहली वजह नजर में आती है। ईरानी रियाल की विनिमय दर का पतन भी एक कारण है। डॉलर की तुलना में अब रियाल की कीमत निचले स्तर पर है जिससे आम नागरिकों की क्रय शक्ति घट गई है। महंगाई आसमान छू रही है। स्थिति यह है कि एक डॉलर की कीमत ईरानी मुद्रा में 14 लाख रियाल तक जा पहुंची है। सड़कों पर लोग नारे लगा रहे हैं ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ और ‘मुल्लाओं ईरान छोड़ो’।