बरसाने की लट्ठमार होली

बरसाने की लट्ठमार होली

भोपाल [महामीडिया] बरसाने की लट्ठमार होली सिर्फ एक पर्व ही नहीं बल्कि यह सदियों पुरानी परंपरा है। मथुरा वृंदावन में होली की एक अलग ही धूम देखने को मिलती है। दुल्हंडी से करीब एक हफ्ते पहले ही यहां होली के पर्व की शुरुआत हो जाती है। पहले दिन लड्डू मार होली और दूसरे दिन लट्ठमार होली खेली जाती है। इस बार 26 फरवरी को बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाएगी। बारसाना में  प्रसिद्ध लठमार होली समारोह के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है जिसमें मेले के क्षेत्र में लगभग कर्मी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेले के क्षेत्र को आठ ज़ोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया है। लट्ठमार होली बरसाना की रंगीली गली में खेली जाती है। इसे राधा कृष्ण प्रतीक स्थल माना जाता है। देश के अलग अलग कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां होली खेलने के लिए पहुंचते हैं। बरसाने की यह लट्ठमार बोली अब केवल देश तक ही प्रसिद्ध नहीं है बल्कि विदेश से भी लोग इसका हिस्सा बनने के लिए यहां पहुंचते हैं। वहीं, लट्ठमार होले से ठीक एक दिन पहले बरसाने के श्रीजी मंदिर में लड्डू मार होली खेली जाती है। मथुरा वृंदावन की होली सिर्फ अबीर गुलाल तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह एक उत्सव के रुप में मनाई जाती है जो धुलंडी से एक हफ्ते पहले शुरू हो जाती है। लट्ठमार होली के मौके पर यहां लाठी भांजने यानी लाठी चलाने की प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है।

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