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प्रधान न्यायाधीश ने एक बार फिर अरावली पहाड़ियों के बारे में कठोर टिप्पणी की
मुंबई [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट में आज बुधवार को अरावली पहाड़ियों पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि रोक के बावजूद भी अवैध खनन चल रहा है। इससे ऐसे हालात बनेंगे जिन्हें सुधार नहीं सकेंगे।अदालत ने निर्देश दिया कि अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि ऐसे खनन के परिणाम “अपूर्णीय और दूरगामी” होते हैं जिन्हें बाद में सुधारना संभव नहीं होता । सुप्रीम कोर्ट ने यह भी दोहराया कि अरावली की वैज्ञानिक और स्पष्ट परिभाषा तय करने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। इस समिति में पर्यावरण और संबंधित क्षेत्रों के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे। अदालत ने सभी पक्षों जिसमें एमिकस क्यूरी भी शामिल हैं से समिति के संभावित सदस्यों के नाम और सुझाव चार हफ्ते में पेश करने को कहा है।