कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में सस्पेंस खातों की संख्या बढ़ी
भोपाल [महामीडिया] कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की वित्त एवं लेखा समिति ने सामाजिक सुरक्षा संगठन के सस्पेंस खाते या अवर्गीकृत खातों में जमा राशि को खत्म करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने को कहा है। इस प्रक्रिया के लिए 31 मार्च तक का लक्ष्य तय करने का सुझाव दिया गया है।केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सस्पेंस खातों में बढ़ती राशि पर चिंता जताई है। समिति ने इन लंबित प्रविष्टियों का उम्र के आधार पर विवरण भी मांगा है जिसे ईपीएफओ के विभिन्न जोनल कार्यालयों से जुटाया जाएगा। सस्पेंस खाते अस्थायी लेखा खाते होते हैं, जिनमें वह पैसा रखा जाता है जिसे तुरंत सही खाते में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता। ऐसा कई कारणों से होता है जैसे सदस्य की जानकारी में गलती, बैंकिंग लेन-देन में किसी तरह की गड़बड़ी या किसी छूट प्राप्त ट्रस्ट द्वारा अपनी छूट छोड़कर धनराशि ईपीएफओ को स्थानांतरित करना आदि। वर्ष 2022-23 में अस्थायी खातों में 53.9 करोड़ रुपये की राशि दर्ज की गई थी। यह जानकारी वर्ष 2022-23 की वार्षिक लेखा रिपोर्ट में दी गई है जो ताजा आधिकारिक डेटा है। यह राशि वित्त वर्ष 2022 के 44 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2022 के बीच 22.3 प्रतिशत अधिक थी।