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योग और यज्ञ दो अनमोल कुंजियाँ : ब्रह्मचारी गिरीश जी
भोपाल [ महामीडिया] भोपाल के महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन श्री सहस्रचंडी महायज्ञ पूर्ण हुआ। महर्षि महेश योगी संस्थान के प्रमुख वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी ने इस अवसर पर कहा कि “योग और यज्ञ प्रत्येक व्यक्ति और समाज की दो अनमोल कुंजियाँ हैं। इन्हें व्यापक स्तर पर करने की आवश्यकता है। महर्षि संगठन में लगभग 5000 वैदिक पंडित हैं जो नियमित योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं और हमारे विश्व परिवार के लाभ के लिए प्रतिदिन विभिन्न देवी - देवताओं के यज्ञ करते हैं। यह कलियुग है और इसके प्रभाव से लड़ने के लिए हमें जीवनपरक वैदिक ज्ञान को जनमानस तक पहुंचाना होगा ताकि वह हमारे वैदिक साहित्य में वर्णित दिनचर्या और ऋतुचर्या का पालन कर सकें। ब्रह्मचारी गिरीश जी ने आगे कहा कि जब हम प्रकृति के नियमों का पालन करते हैं और प्रकृति का समर्थन करते हैं तो हमें प्रकृति से समर्थन प्राप्त होता है। जीवन में सकारात्मक वातावरण लाने के लिए वैदिक ज्ञान को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करना होगा।”
इस अवसर पर ब्रह्मचारी जी ने श्री राम दरबार मंदिर में वैदिक पंडितों के साथ पूजा भी की। इस दौरान ब्रह्मचारी जी ने कन्याओं का पूजन किया और उन्हें स्वादिष्ट भोजन के साथ चुनरी और दक्षिणा भेंट की । विश्व परिवार के सभी नागरिकों के लिए शांति और समृद्धि के संकल्प के साथ प्रभावशाली यज्ञ के लिए वैदिक आचार्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महर्षि संगठन के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे । श्री सहस्रचंडी महायज्ञ का आयोजन लगातार नौ दिनों तक चैत्र नवरात्रि के दौरान स्वामी ब्रह्मानंद आश्रम छान में किया गया ।