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भगवान भैरव की आराधना का पर्व कालाष्टमी पर्व कल
भोपाल [ महा मीडिया] भगवान भैरव को भोलेनाथ का रुद्रावतार माना जाता है। इनकी पूजा से सभी प्रकार के भय और चिंताएं दूर होती है। हर मास के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली अष्टमी तिथि को उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस पावन तिथि को कालाष्टमी के नाम से जाना जाता है। भगवान शिव के रुद्रावतार माने जाने वाले भगवान भैरव को लोग अलग-अलग रूप और अलग-अलग नाम से पूजते हैं। सनातन परंपरा में भगवान भैरव को उग्र देवता के रूप में पूजा जाता है। भगवान भैरव दुष्टों का संहार करने और अपने भक्तों का कल्याण करने वाले माने गये हैं। भगवान भैरव की पूजा से व्यक्ति अपने बड़े से बड़े शत्रु पर आसानी से विजय प्राप्त करता है। ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली अष्टमी तिथि मई महीने में 12 मई 2023 को पड़ेगी। अष्टमी तिथि 12 मई को प्रात: 09:06 बजे से प्रारंभ होकर 13 मई को प्रात:काल 06:50 बजे तक रहेगी। इस दौरान किसी भी समय काल भैरव की पूजा की जा सकती है।