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हरिशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं
भोपाल [ महामीडिया] ब्रह्मवैवर्त पुराण में यह कथा प्रचलित है। एक बार योग निद्रा ने भगवान विष्णु की कठिन तपस्या की। जिससे भगवान विष्णु प्रसन्न हो गए और उन्हें दर्शन दिए। साथ ही उन्होंने वरदान मांगने को कहा। योग निद्रा ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की कि भगवान आप मुझे अपने अंगों में स्थान दीजिए। इस पर भगवान विष्णु ने विचार किया कि उनके संपूर्ण शरीर पर माता लक्ष्मी का अधिकार है। जब उन्होंने योग निद्रा को अपनी आंखों में स्थान दिया। साथ ही यह आश्वासन दिया कि साल के 4 महीने आप मेरी आंखों में विराजमान रहेंगी। तभी से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इसी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है।