
भगवान कार्तिकेय को समर्पित स्कंद षष्ठी का पर्व
भोपाल [महामीडिया] हिन्दू धर्म में स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित है जिन्हें स्कंद, मुरुगन, सुब्रमण्यम और कुमार जैसे नामों से भी जाना जाता है। स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय के जन्म और दैत्य तारकासुर पर उनकी विजय का प्रतीक है। स्कंद षष्ठी, भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक त्योहार है, जो हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसे मुख्य रूप से दक्षिण भारत में मनाया जाता है और यह तारकासुर नामक राक्षस पर भगवान कार्तिकेय की जीत की याद दिलाता है। इस व्रत और पूजा से सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है। उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और कानूनी मामलों में सफलता मिलती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से लोगों को संतान प्राप्ति में आ रही दिक्कतें खत्म होती हैं। इसके अलावा जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और धन का वास होता है।