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बार एसोसिएशन 'राज्य' की श्रेणी में नहीं आते
भोपाल [महामीडिया] दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' या उसकी संस्था की श्रेणी में नहीं आते हैं। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि बार एसोसिएशनों द्वारा किए जाने वाले कार्य मुख्य रूप से व्यक्तिगत वकीलों के हितों की रक्षा के लिए होते हैं जिन्हें 'सार्वजनिक कार्य' नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह निर्णय एक महिला वकील की अपील खारिज करते हुए सुनाया जिसमें उन्होंने अपने चैंबर में वकीलों द्वारा किए गए कथित अनाधिकार प्रवेश के खिलाफ दिल्ली बार काउंसिल को कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।