लेबर कोड के कारण प्राइवेट बैंकों और बीमा कंपनियों की लागत बढ़ी

लेबर कोड के कारण प्राइवेट बैंकों और बीमा कंपनियों की लागत बढ़ी

भोपाल [महामीडिया] नवंबर 2025 में लागू किए गए नए लेबर कोड का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। इन नियमों की वजह से प्राइवेट सेक्टर बैंकों और बीमा कंपनियों की कर्मचारी लागत बढ़ गई है जिससे अक्टूबर-दिसंबर तिमाही  में उनका ऑपरेटिंग खर्च बढ़ गया।देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने Q3FY26 में ₹18,770 करोड़ का ऑपरेटिंग खर्च दर्ज किया जो पिछली तिमाही Q2FY26 में ₹17,110 करोड़ था। बैंक ने बताया कि नए लेबर कोड के चलते इस तिमाही में कर्मचारी लागत में करीब ₹800 करोड़ का अतिरिक्त असर पड़ा है। बैंक ने कहा कि वह केंद्र और राज्य सरकारों के नियमों और स्पष्टीकरण पर नजर बनाए हुए है और आगे जरूरत के हिसाब से अकाउंटिंग बदलाव करेगा।इसी तरह ICICI बैंक ने नए लेबर कोड के कारण Q3FY26 में अपने मुनाफे पर ₹145 करोड़ के असर का अनुमान लगाया है। यस बैंक ने ₹155 करोड़, फेडरल बैंक ने ₹20.8 करोड़ और RBL बैंक ने ₹32 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया है।

सम्बंधित ख़बरें