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म.प्र.में तीन हजार से अधिक फर्जी जमीनों का मिट्टी परीक्षण का खुलासा
भोपाल [महामीडिया] सरकार ने बीते साल मिट्टी परीक्षण लैबों को निजी हाथों में सौंप दिया और इन लैबों ने किसान, खेत और फसलों तक का फर्जी रिकॉर्ड बनाकर लाखों-करोड़ों के घपले शुरू कर दिए। मिट्टी परीक्षण के नाम पर हैरान कर देने वाला मामला सबसे पहले मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना में ही सामने आया है। मुरैना में शहडोल, भिलाई, नागदा से लेकर तेलंगाना तक के तीन हजार से अधिक फर्जी किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर सोइल हेल्थ कार्ड जारी कर दिए गए हैं। यह फर्जीवाड़ा कृषि विभाग और मिट्टी परीक्षण लैब का संचालन कर रहे लोगों ने मिलकर किया है। यह तीन तो केवल उदाहरण मात्र हैं। ऐसे 3000 से अधिक किसानों के नाम से फर्जी मिट्टी परीक्षण किया गया है। जौरा की मिट्टी परीक्षण लैब का ठेका राधिका कोऑपरेटिव प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है जिसे एक सोइल हेल्थ कार्ड के बदले सरकार से 233 रुपये मिलते हैं और सारा फर्जीवाड़ा इसी राशि के लिए हुआ है। राधिका कोऑपरेटिव ने बीते साल 3042 किसानों के नाम से सोइल हेल्थ कार्ड जारी किए हैं।