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इस्पात निर्माताओं पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी
भोपाल [महामीडिया] चार प्रमुख भारतीय इस्पात निर्माताओं- टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील,सेल तथा आरआईएनएल ने प्रतिस्पर्धियों को अपनी मूल्य निर्धारण योजनाओं और आपूर्ति घटाने के लिए मिलीभगत करके उत्पादन में कटौती की। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच में पाया गया है कि 28 कंपनियों ने इस्पात की कीमतों पर मिलीभगत की। इस जांच का मतलब है कि उन पर भारी जुर्माना लग सकता है। चार बड़ी कंपनियों के बारे में जांच रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे पता चलता है कि आयोग ने दर्जनों व्हाट्सऐप चैट को देखा जिनमें ‘फ्रेंड्स ऑफ स्टील’, ‘टायकून्स’ और ‘स्टील लाइव मार्केट’ जैसे ग्रुप शामिल थे। इन्हें 2022 में उद्योग पर हुई रेड के दौरान जब्त किया गया था। आयोग ने कीमतों में बदलाव, बिक्री और उत्पादन पैटर्न का विश्लेषण किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह चारों कंपनियां ‘संवेदनशील जानकारी पहले से देकर बाजार को प्रभावित कर रही थीं।’ इन कंपनियों की भारत के इस्पात बाजार में 44.4 प्रतिशत की भागीदारी है।