मैहर [महामीडिया ] आज 24 जनवरी को गुप्त नवरात्रि की षष्ठी तिथि है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व माना जाता है।षष्ठी तिथि पर दस महाविद्याओं में से छठी महाविद्या मां त्रिपुर भैरवी की पूजा की जाती है। तांत्रिक साधना में मां त्रिपुर भैरवी को अत्यंत उग्र और शक्तिशाली देवी माना गया है।ऐसा माना जाता है कि इनकी पूजा से भय, बाधा, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और साधक को आत्मबल तथा साहस की प्राप्ति होती है।त्रिपुर भैरवी दस महाविद्याओं में छठी देवी हैं, जो उग्रता, अनुशासन और अहंकार के विनाश का प्रतीक हैं। 'त्रिपुर' का अर्थ तीन लोकों- स्वर्ग, पृथ्वी, पाताल से है, और 'भैरवी' का अर्थ भयंकर रूप वाली देवी।वह देवी दुर्गा का उग्र अवतार हैं, जो भक्तों को शक्ति, साहस और सुरक्षा प्रदान करती हैं। उनकी पूजा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, और व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है।पूजा के लिए प्रातःकाल और दोपहर का मुहूर्त विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इन समयों में पूजा करने से साधक को अधिक फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि माता का पूजन मानसिक शांति, आत्मबल और आध्यात्मकि स्थिरता प्रदान करता है। गुप्त नवरात्रि की यह साधना माता जगत जननी की आराधना एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। गुप्त नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मां शारदा देवी धाम मैहर में कई श्रद्धालु वहां रुक कर विगत 9 दिनों से निरंतर साधना एवं जप तप कर रहे हैं। शारदा धाम मैहर को सनाढ्य समाज की उर्वरा भूमि माना जाता है जो कि दैविक अनुष्ठान के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।