नवीनतम
माघ मेला एवं कल्पवास आज से शुरू
भोपाल[ महामीडिया] माघ मेला एवं कल्पवास आज से शुरू हो गए हैं। हर वर्ष माघ मास के दौरान लगने वाला माघ मेला आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम होता है। त्रिवेणी संगम के तट पर आयोजित इस मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मेले के दौरान संगम स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में माघ मेला आज 3 जनवरी से प्रारंभ होकर 15 फरवरी तक चलेगा। जिसमें कई प्रमुख स्नान तिथियां विशेष फलदायी मानी जाएंगी जिन्हें शाही स्नान के नाम से जाना जाता है। माघी मेले के दौरान स्नान दान की परंपरा सनातन धर्म की एक विशिष्ट परंपरा है। शाही स्नान पर्व को हजारों गौ दान के बराबर पुन्य वाला बताया गया है। यही कारण है कि भारतीय समाज व्यवस्था में माघी स्नान पर्व का अपना एक विशिष्ट एवं प्राचीन स्थान है। जो कि भारतीय वैदिक सांस्कृतिक व्यवस्था के साथ-साथ भारत के सामाजिक सरोकारों को भी प्रदर्शित करता है। भारत की पुण्य भूमि वर्षों से पूरी दुनिया के आस्था का केंद्र रही है इसलिए भारत की पुरातन माघ मेले की परंपरा भारत के सांस्कृतिक दर्शन को अभिव्यक्त करती है।