सुप्रीम कोर्ट चुनावी मुफ्त वादों के विरुद्ध सुनवाई के लिए सहमत
नयी दिल्ली [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है जिसमें चुनाव चिह्न को जब्त करने या चुनाव से पहले 'तर्कहीन मुफ्तखोरी' का वादा करने या वितरित करने वाले राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया कि उनकी जनहित याचिका पर नोटिस केंद्र और चुनाव आयोग को 2022 में ही जारी किए गए थे। बेंच ने इसे एक 'गंभीर मुद्दा' करार दिया और कहा कि कभी-कभी 'मुफ्त बजट' सामान्य बजट से अधिक जा रहा है।