भारत में कृषि और बागवानी का क्षेत्र बढ़ा

भारत में कृषि और बागवानी का क्षेत्र बढ़ा

भोपाल [ महा मीडिया] सरकार की आर्थिक समीक्षा के अनुसार 2024-25 में समाप्त हुए पिछले दशक में फसल क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर मात्र लगभग 3.5 प्रतिशत रही जबकि पशुधन क्षेत्र में यह 7.1 प्रतिशत  और मत्स्य पालन में 8.8 प्रतिशत तक थी। दूसरी ओर कृषि क्षेत्र के उच्च मूल्य वाले खंडों के विस्तार की गति कहीं अधिक प्रभावशाली रही है जो इस दर से दोगुनी से भी ज्यादा है। खाद्य एवं गैर-खाद्य फसलों की तुलना में बागवानी कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है। बागवानी में फल, सब्जियों, फूल और जड़ी-बूटियों जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों की पैदावार होती है। वर्ष 2024-25 में बागवानी उत्पादों का उत्पादन, खाद्यान्न उत्पादन से काफी अधिक रहा। जहां खाद्यान्न उत्पादन का आधिकारिक अनुमान लगभग 33 करोड़ टन है वहीं बागवानी उत्पादन 36 करोड़ टन से अधिक रहा। इसमें 11.45 करोड़ टन फल और 21.96 करोड़ टन सब्जियां शामिल थीं। इससे भारत फलों और सब्जियों का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 13 प्रतिशत है। केले, पपीते, आम, अदरक और भिंडी जैसे कई प्रमुख बागवानी उत्पादों के मामले में भारत अग्रणी उत्पादक बन गया है । 

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