किसानों को फलों से शराब बनाने का लाइसेंस जारी करेगी म प्र.सरकार

किसानों को फलों से शराब बनाने का लाइसेंस जारी करेगी म प्र.सरकार

भोपाल [महामीडिया] म प्र.अब प्रदेश में पैदा होने वाले अंगूर और जामुन के अलावा अन्य फलों से  शराब  बनाने की अनुमति देगी। इसके लिए बाकायदा नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसके माध्यम से अंगूर, जामुन और अन्य फल उत्पादित करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ेगी।  इस दिशा में यह सकारात्मक कदम है जिससे किसानों और किसान उत्पादक संगठन के लिए आय के नए स्रोत विकसित करने में मदद मिलेगी।नई नीति के तहत स्थानीय फलों से शराब बनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें आम, अमरूद और जामुन जैसे प्रसिद्ध फल शामिल हैं। पहले भी कुछ हद तक फलों से शराब बनाई जाती थी लेकिन अब सरकार इसे बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी। गन्ने से  शराब बनाने की तुलना में फलों से शराब बनाना सस्ता और आसान होगा। किसानों को अपने फलों के बेहतर दाम मिलेंगे और  इससे हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।इनसे बनने वाली वाइन को आबकारी शुल्क से मुक्त रखा जाएगा। यह व्यवस्था एक अप्रैल से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए लागू की गई आबकारी नीति में की गई है।आबकारी विभाग द्वारा इसी साल एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा घोषित अंगूर प्रसंस्करण नीति के अन्तर्गत प्रदेश में फलोद्यान विस्तार एवं फ्रूट प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय में वृद्धि के लिए निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश में उत्पादित अंगूर एवं जामुन के अतिरिक्त अन्य फलों तथा प्रदेश में उत्पादित एवं संग्रहीत शहद (हनी) से निर्मित वाइन के निर्माण की अनुमति रहेगी। इसके लिए नए वाइनरी लायसेंस जारी किए जायेंगे।

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