माघ मेले का तीसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या को

माघ मेले का तीसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या को

भोपाल [महामीडिया] माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यदायी स्नान मौनी अमावस्या के दिन माना जाता है। इस दिन संगम तट पर सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यता है कि मौन रहकर किया गया स्नान पापों का नाश करता है और मन को शांति भी मिलती है। साथ ही, मोक्ष की राह आसान करता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को पड़ेगी। धार्मिक स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सबसे उत्तम समय माना गया है। ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा। इस समय संगम में स्नान करने से स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है।गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर लगने वाला यह मेला आस्था, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम होता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान करने के लिए यहां पहुंच चुके हैं ।

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