
म.प्र. में भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का सपना अधूरा
भोपाल [महामीडिया] म. प्र. में भ्रष्टाचार के मामले में सरकार कठोर और त्वरित कार्रवाई की बात करती है लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण चलाने के लिए संबंधित विभागों से स्वीकृति नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त में आरोपितों के विरुद्ध दर्ज 283 प्रकरणों में अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिली है। एक प्रकरण में एक से लेकर 10 तक और कुछ में तो इससे भी अधिक आरोपित है। इनमें सर्वाधिक प्रकरण रिश्वत, इसके बाद आय से अधिक संपत्ति और फिर पद के दुरुपयोग के हैं।