रवि पुष्य योग में माघी पूर्णिमा एक फरवरी को

रवि पुष्य योग में माघी पूर्णिमा एक फरवरी को

भोपाल [महामीडिया] माघ मास की पूर्णिमा तिथि को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन स्नान, दान और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वर्ष 2026 की माघ पूर्णिमा और भी खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन रवि पुष्य योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। माघ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 फरवरी 2026, रविवार की सुबह लगभग 5 बजकर 53 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 2 फरवरी की मध्य रात्रि के बाद करीब 3 बजकर 39 मिनट पर होगा। शास्त्रों में यह मान्यता है कि जब पूर्णिमा तिथि प्रदोष काल में आती है, तब उसी दिन पूर्णिमा व्रत और स्नान-दान किया जाता है। इस कारण वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा का व्रत, स्नान और पूजन 1 फरवरी को ही किया जाएगा। इस दिन रविवार होने और पुष्य नक्षत्र के कारण रवि पुष्य योग भी बन रहा है, जो इसे और अधिक शुभ बनाता है।

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