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सभी देशी पशुओं का पंजीकरण होगा
मुंबई [महामीडिया] केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने कहा कि सभी देसी पशु नस्लों का 100 प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य है जो विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने देसी पशु नस्लों के संरक्षण को पर्यावरण, किसानों की आजीविका और सतत कृषि से जुड़ा बताते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने पर ज़ोर दिया। चौहान ने कहा कि भारत का जानवरों के साथ रिश्ता केवल आर्थिक या पोषण आधारित नहीं है बल्कि यह गहराई से इकोलॉजिकल संतुलन से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा यह एक संतुलन का रिश्ता है। यदि इस संतुलन में गड़बड़ी होती है तो उसका सीधा असर पर्यावरण और धरती की भलाई पर पड़ता है।भारत समृद्ध जैव-विविधता युक्त बड़ी देशी गोवंशीय आबादी वाला देश है । यहां गाय की 50 तथा भैंसों की 17 सुपरिभाषित नस्लें हैं । कठोर जलवायु परिस्थितियों में स्व-अनुकूलन के कारण जीवित रहना, खराब गुणवत्ता वाले आहार एवं चारे पर उत्पादन की योग्यता, रोगों के प्रति प्रतिरोधक दक्षता इत्यादि गुणों के कारण कई पीढ़ियों में इन नस्लों का विकास हुआ है । कुछ देशी नस्लों के वयस्क नर पशु अपने भारवाही गुणों के लिए जाने जाते हैं । इस प्रकार ये देशी नस्लें हमारे वर्तमान कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हैं और उनमें गर्म जलवायु में होने वाले रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता उपलब्ध है और वे कम एवं खराब गुणवत्ता के आहार तथा चारा संसाधनों पर जीवित रह सकती हैं और दूध का उत्पादन कर सकती हैं ।