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भूमि अधिग्रहण कानून पर पुनर्विचार का आदेश जारी
भोपाल [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवज़े और अन्य वैधानिक लाभों के आकलन में स्पष्ट असमानता दिखाई देती है। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि भारत के अटॉर्नी जनरल और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर विचार करें और यह देखें कि क्या विधायी ढांचे को पुनः परखा जा सकता है ताकि संविधान के अनुच्छेद 300A के अनुरूप भूमि के बाज़ार मूल्य के निर्धारण में समानता लाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि इस आदेश की एक प्रति अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को भेजी जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी तब तक उच्च न्यायालय के आदेश पर लगी रोक जारी रहेगी।