भारत के बासमती चावल निर्यात पर युद्ध के कारण दबाव गहराया
भोपाल [महा मीडिया] मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत के चावल निर्यात क्षेत्र, विशेषकर बासमती व्यापार, को लेकर नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। ईरान, सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और यमन जैसे देशों पर निर्भरता अधिक होने के कारण निर्यातकों को आशंका है कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित होती है या कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है तो मालभाड़ा, बीमा और आपूर्ति शृंखला पर गंभीर असर पड़ सकता है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात की स्थिति का सीधा असर जहाज़ी ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने पर कंटेनर तथा थोक मालवाहक जहाज़ों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इससे मालभाड़ा दरों और समुद्री बीमा प्रीमियम में अचानक वृद्धि संभव है जिससे तय कीमत वाले निर्यात अनुबंधों में नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।