म.प्र.के कॉलेजों के शिक्षक अब विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी करेंगे
भोपाल [महामीडिया] म.प्र.के कॉलेजों के शिक्षक विद्यार्थियों के पहले काउंसलर बनेंगे। वह ना केवल बच्चों को पढ़ाएंगे बल्कि उनमें तनाव की पहचान कर उनकी समस्या का समाधान करने में भी सहयोग देंगे। यह प्लान विद्यार्थियों की आत्महत्या की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित जागरूकता सेमिनार में रखा गया है। जिसके जरिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल टास्क फोर्स की अनुशंसा का पालन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि सभी एजुकेशनल संस्थानों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने छात्रों की आत्महत्या रोकने से जुड़े नियमों की जानकारी दी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य केवल एक विभाग की नहीं बल्कि सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।