सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार पर पांच लाख का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार पर पांच लाख का जुर्माना लगाया

भोपाल [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी की आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण  में नियुक्ति को लगभग एक दशक तक रोके रखने के मामले में केंद्र सरकार पर 5 लाख का जुर्माना लगाते हुए इसे “जानबूझकर की गई देरी” और “लक्षित विभागीय प्रतिशोध” करार दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता कैप्टन प्रमोद कुमार बजाज के साथ “गंभीर अन्याय और घोर मनमानी” की गई। अदालत ने निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर खोज-सह-चयन समिति का पुनर्गठन करे जिसमें उस अधिकारी को शामिल न किया जाए जो पहले याचिकाकर्ता के मामले में अवमानना कार्यवाही का सामना कर चुका है। अदालत ने कहा कि यह मामला न केवल व्यक्तिगत अन्याय का है बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता और कानून के शासन की बुनियादी अवधारणाओं से भी जुड़ा हुआ है।
 

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