दो और भारतीय आर्द्रभूमियों को रामसर सूची में शामिल किया गया
भोपाल [महामीडिया] भारत ने अपने संरक्षण प्रयासों में एक बड़ी जीत हासिल की है। भारत के दो और वेटलैंड्स को प्रतिष्ठित रामसर सूची में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के छारी-ढंड को रामसर स्थल के रूप में मान्यता दी गई है। इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है। 2025 के अंत तक भारत में 96 नामित रामसर स्थल थे जो रामसर कन्वेंशन के तहत "अंतरराष्ट्रीय महत्व के जलभूमि" हैं।
- कुल रामसर स्थल: भारत में अब 98 रामसर स्थल हैं।
- सर्वाधिक स्थल वाला राज्य: तमिलनाडु (20 स्थल) के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश (11 स्थल) के साथ दूसरे स्थान पर है।
- क्षेत्रफल के आधार पर: भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल सुंदरवन (पश्चिम बंगाल) है और सबसे छोटा रेणुका आर्द्रभूमि (हिमाचल प्रदेश) है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: भारत ने 1 फरवरी 1982 को रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए थे। भारत के पहले रामसर स्थल चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) थे।