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अजमेर शरीफ़ दरगाह पर कार्रवाई से पहले सुनवाई होगी
मुंबई [महामीडिया] दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि अजमेर स्थित ख्वाजा साहब दरगाह परिसर के भीतर और उससे जुड़े क्षेत्रों में किसी भी ढांचे को हटाने या ध्वस्त करने से पहले प्रभावित पक्षों को अनिवार्य रूप से सुनवाई का अवसर दिया जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बिना प्रक्रिया का पालन किए सीधे कार्रवाई करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध होगा। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि कोई भी त्वरित या एकतरफा कदम उठाने से पहले संबंधित प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए उन्हें सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाए और उसके बाद ही एक स्पष्ट व तर्कसंगत आदेश पारित किया जाए। न्यायालय ने कहा कि अधिकारियों के लिए यह संभव नहीं है कि वे बिना विस्तृत नोटिस और सुनवाई के केवल बुलडोजर चला दें।